Aadhar Card Update: यूआइडीएआइ ने जारी किया नया नियम, अब सभी को आधार कार्ड अपडेट करवाना

अगर आपके घर में सात साल या उससे अधिक उम्र का बच्चा है और उसका आधार कार्ड बना हुआ है, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) ने सभी माता-पिता को एक अहम जानकारी दी है – अब सात साल के होते ही बच्चों के आधार कार्ड में बायोमीट्रिक डाटा अपडेट कराना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसा न करने पर बच्चे का आधार कार्ड अस्थायी रूप से निष्क्रिय भी किया जा सकता है।


बायोमीट्रिक अपडेट क्यों है जरूरी?

जब किसी नवजात शिशु का आधार कार्ड बनाया जाता है, तब उसमें बायोमीट्रिक जानकारी (जैसे फिंगरप्रिंट और आंखों की स्कैनिंग) नहीं ली जाती क्योंकि उस उम्र में ये डाटा स्थिर नहीं होता। लेकिन जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, उसकी पहचान को और अधिक सटीक व सुरक्षित बनाने के लिए यह जानकारी जरूरी हो जाती है। सात साल की उम्र इस प्रक्रिया की पहली महत्वपूर्ण सीमा है।


अगर समय पर अपडेट न कराया तो?

UIDAI ने स्पष्ट किया है कि यदि तय उम्र पर बायोमीट्रिक डाटा अपडेट नहीं कराया गया, तो बच्चे को आधार से जुड़ी सेवाओं का लाभ मिलने में समस्या हो सकती है। जैसे सरकारी योजनाएं, स्कूल एडमिशन, बैंकिंग सेवाएं आदि सभी में आधार अनिवार्य होता जा रहा है। बिना अपडेट के कार्ड कुछ समय बाद निष्क्रिय हो सकता है।


आधार अपडेट की प्रक्रिया क्या है?

बायोमीट्रिक अपडेट के लिए माता-पिता को बच्चे के साथ नजदीकी आधार नामांकन केंद्र जाना होगा। वहां बच्चे की फोटो ली जाएगी, फिर दोनों हाथों की उंगलियों के निशान और आंखों की पुतलियों (आईरिस) का स्कैन किया जाएगा। यह प्रक्रिया मुफ्त है यदि बच्चे की उम्र सात साल से कम है या ठीक सात साल पर अपडेट कराया जाए। लेकिन समय निकल जाने पर ₹100 तक का शुल्क देना पड़ सकता है।

यह प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और डिजिटल होती है और आमतौर पर 10 से 15 मिनट में पूरी हो जाती है।


अभिभावकों के लिए सुझाव

  • बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र और पुराने आधार कार्ड की कॉपी साथ रखें।
  • UIDAI की वेबसाइट से नजदीकी आधार केंद्र की जानकारी प्राप्त करें।
  • अपॉइंटमेंट लेकर जाएं तो समय की बचत होगी।
  • सात, पांच और पंद्रह वर्ष की उम्र में बायोमीट्रिक अपडेट जरूर कराएं।

आज आधार कार्ड सिर्फ पहचान का दस्तावेज नहीं, बल्कि हर सरकारी व निजी सेवा की पहली जरूरत बन चुका है। बच्चों की सही और अद्यतित पहचान सुनिश्चित करने के लिए यह बायोमीट्रिक अपडेट बेहद जरूरी है। इसलिए अगर आपके बच्चे की उम्र सात साल हो चुकी है या होने वाली है, तो देरी न करें। समय पर आधार अपडेट कराएं और भविष्य की परेशानियों से बचें।

आधार अपडेट कराना ना सिर्फ कानूनी जरूरत है, बल्कि यह आपके बच्चे की पहचान और सुरक्षा से जुड़ा एक अहम कदम भी है।

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